नाम आप जान ही चुके है, डिस्प्ले में दिखा ही रहा होगा, बाद बाकी पेशे से एक एजुकेटर हूं, करीब 5 साल से ज्यादा में समय इसी काम में बीता है. इससे पहले दैनिक भास्कर बतौर संवाददाता करीब 16 साल काम किया. बीच बीच में कुछ राजनैतिक मैनेजमेंट से जुड़ी कंपनियों में व्यस्त रहा. इसी दौरान एक ngo में हिंदी भाषी राज्यों में शिक्षा को लेकर काम किया. कुछ अच्छी किताबें पढ़ी, कुछ अच्छे दोस्त बनाए, कुछ से माफी मांग ली, और यक़ीनन बहुतो को माफ कर दिया. बहरहाल जीवन में प्रेम की स्थायी आमद बनी है.. आशा है बनी रहे
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