कमल किशोर जैन

उसने कहा, सुनो, हमें मिले बस बीस दिन ही हुए है

और बीस दिन में क्या ही होता है.. थोड़ा समय दो


मैने कहा, ज्यादा कुछ नहीं.. बस..


बीस दिन में आदते बदल जाती है 


बीस दिन में किसी की लत लग जाती है 


बीस दिन में किसी की बातें मन मोह लेती है 


बीस दिन में कोई गैर से अपना बन जाता है 


बीस दिन में कोई जन्मो का साथी बन जाता है 


बीस दिन में आप से तुम का सफ़र तय हो जाता है 


बीस दिन में कोई रूह तक अपनी आमद दर्ज कर देता है 


बीस दिन में किसी से हर बात करना सुकून देता है 


बीस दिन में किसी के बिना सब बेगाना सा लगता है 


बीस दिन में कोई जिंदगी बन जाता है.. 


बीस दिन में.... महज बीस दिन में..  



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© कमल किशोर जैन (10.09.2026)

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