कमल किशोर जैन

पहले मैं सोचता था 

आखिर एक ही बात पर कोई 

दो बार हैरान कैसे हो सकता है 


फिर तुम मिले 

जो हर बार एक ही बात पर 

हैरान हो जाते थे 


गो की तुम उसे सुनने के आदी ही ना थे 

या कि तुम्हे कभी किसी ने ऐसा कुछ कहा ही नहीं 

इसलिए जब मै तुम्हे कहता, की मुझे तुमसे इश्क है 


हर बार तुम्हारा बस एक ही  

जवाब होता 

उसी नीम हैरानी से भरा.. 


अरे..  


© कमल किशोर जैन (09.08.2026)

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