कमल किशोर जैन

मै तुम्हारे साथ जाग कर बिता सकता हूं 

अनंत रातें 

बिना सोये, अपलक 

बस तुमको निहारते हुए 

 

मै जाग सकता हूं, कई कई रातें 


बस यूं ही.. तुम्हे सुनते हुए 

मै जाग सकता हूं.. कई कई रातें 

बस यूं ही.. तुमसे कुछ कहते हुए 

 

हो बस इतना कि तुम मेरे साथ रही.. यूं ही.. अनंत जन्मों तक..

© कमल किशोर जैन (01.08.2026)