कमल किशोर जैन
उसने कहा, सुनो, हमें मिले बस बीस दिन ही हुए है
और बीस दिन में क्या ही होता है.. थोड़ा समय दो
मैने कहा, ज्यादा कुछ नहीं.. बस..
बीस दिन में आदते बदल जाती है
बीस दिन में किसी की लत लग जाती है
बीस दिन में किसी की बातें मन मोह लेती है
बीस दिन में कोई गैर से अपना बन जाता है
बीस दिन में कोई जन्मो का साथी बन जाता है
बीस दिन में आप से तुम का सफ़र तय हो जाता है
बीस दिन में कोई रूह तक अपनी आमद दर्ज कर देता है
बीस दिन में किसी से हर बात करना सुकून देता है
बीस दिन में किसी के बिना सब बेगाना सा लगता है
बीस दिन में कोई जिंदगी बन जाता है..
बीस दिन में.... महज बीस दिन में..
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© कमल किशोर जैन (10.09.2026)
कमल किशोर जैन
उसने पूछा मुझसे, तुम्हे मोहब्बत से क्या हर्ज है
मैने कहा, मुझे इश्क तो पसंद है, लेकिन बेहद
जब मै कहूं, मुझे फूल पसंद है
तो वो बगीचा बन जाए
मै जब कहूँ, मुझे रंग पसंद है
वो इंद्रधनुष बन जाए
जब कहूँ, मुझे आग पसंद है
वो अपनी तपिश में मुझे जज्ब कर ले
जब मै कहूं, मुझे तुम पसंद हो
वो पूरी कायनात बन जाए
जब मै रोने लगूं
तो मेरे संग दरिया बन जाए
जब मै उड़ना चाहूं,
तो मेरे पंख बन जाए
जब मै कदम बढ़ाऊं,
वो रास्ता बन जाए
जब मैं चुप रहूं
तो हर एक लफ़्ज़ समझ जाए
जब मै हंसने लगूं
तो मेरा दर्द समझ जाए
बस, मुझे ऐसा ही मोहब्बत पसंद है
जो मुझसे पहले मुझे समझ जाए
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© कमल किशोर जैन (09.08.2026)
कमल किशोर जैन
पहले मैं सोचता था
आखिर एक ही बात पर कोई
दो बार हैरान कैसे हो सकता है
फिर तुम मिले
जो हर बार एक ही बात पर
हैरान हो जाते थे
गो की तुम उसे सुनने के आदी ही ना थे
या कि तुम्हे कभी किसी ने ऐसा कुछ कहा ही नहीं
इसलिए जब मै तुम्हे कहता, की मुझे तुमसे इश्क है
हर बार तुम्हारा बस एक ही
जवाब होता
उसी नीम हैरानी से भरा..
अरे..
© कमल किशोर जैन (09.08.2026)
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कमल किशोर जैन
मै तुम्हारे साथ जाग कर बिता सकता हूं
अनंत रातें
बिना सोये, अपलक
बस तुमको निहारते हुए
मै जाग सकता हूं, कई कई रातें,
बस यूं ही.. तुम्हे सुनते हुए
मै जाग सकता हूं.. कई कई रातें,
बस यूं ही.. तुमसे कुछ कहते हुए
हो बस इतना कि तुम मेरे साथ रहो.. यूं ही.. अनंत जन्मों तक..
© कमल किशोर जैन (01.08.2026)
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